शिक्षकों के लिए 5 ऑनलाइन टीचिंग टूल

क्या आप अपने विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक मनोरंजक, मज़ेदार और संवादात्मक बनाना चाहते हैं? क्या आप अपने विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से जोड़े रखना चाहते हैं? ये सब करने के लिए ऑनलाइन टीचिंग टूल बेहद कारगर होते हैं. इसके लिए आपके पास वीडियो, स्लाइड्स शो, गेम्स और संवादात्मक सामूहिक गतिविधियों जैसे प्रमुख टूल होने चाहिए और अगर आप भी विद्यार्थियों की तरह तकनीकी के जानकार यानी टेक सैवी हैं, तो फिर मान लीजिए कि कक्षा में अद्भुत नतीजा निकल सकता है. कक्षा में कंप्यूटर का इंतेज़ाम करने से बच्चों में न सिर्फ़ 21वीं सदी में कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए ज़रूरी तकनीकी कौशल का संचार होता है, बल्कि इससे विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ता है और उनकी सीखने की प्रवृत्ति भी बढ़ती है. [1]

ये छ्ह टूल आपके विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखते हैं और परिकल्पनाओं और विषय को बेहतर रूप से समझने में उनकी मदद करते हैं!

1. एड्मोंडो (Edmodo)

बच्चे समूह में बैठकर पढ़ना बहुत पसंद करते हैं. साथ ही, वे अक्सर डिजिटल दुनिया का हिस्सा बनने में भी दिलचस्पी रखते हैं. इन्हीं दोनों परिकल्पनाओं को एक साथ मिलाकर एड्मोंडो एक नियंत्रित सोशल मीडिया का मंच तैयार करता है, जिसकी मदद से शिक्षक बच्चों को ऑनलाइन होमवर्क दे सकते हैं और उसकी जांच करके अंक भी दे सकते हैं. इस वजह से बच्चे बहुत उत्साहित रहते हैं कि समय पर उनके होमवर्क की जांच हो रही है. इसके अलावा वे इस बात को लेकर भी उत्साहित रहते हैं कि अगली कक्षा में क्या होने वाला है!

 

आपको सिर्फ़ इतना करना है कि अपने स्कूल की तरफ़ से साइन अप करना है और एक स्टडी ग्रुप (अध्ययन समूह) बनाना है. साइन अप हो जाने के बाद आप ग्रुप कोड अपने विद्यार्थियों को दे सकते हैं और शुरुआत कर सकते हैं. साइन अप करने और कक्षा समूह बनाने के बाद आपका ग्रुप प्लैटफ़ॉर्म कैसा दिखाई देता है उसका एक स्क्रीनशॉट यहाँ दिया जा रहा है.

2. काहूत! (Kahoot!)

क्या आपको अपनी कक्षा के लिए प्रश्नावली और क्विज़ डिज़ाइन करने में मदद चाहिए? काहूत! एक मुफ़्त यूज़र-फ़्रेंडली टूल है जो आपकी सेवा के लिए उपलब्ध है. कोई शिक्षक अपने विद्यार्थी के लिए क्विज़, पहेलियाँ, सर्वेक्षण या प्रश्नावलियाँ डिज़ाइन कर सकता है और उनका ज्ञान और जानकारी परख सकता है. विद्यार्थी भी विभिन्न उपकरणों की मदद से उन प्रश्नों के जवाब दे सकते हैं. क्विज़ और प्रश्नों को ही “काहूत” कहा जाता है, जिन्हें इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि कक्षा में खेलों-सा माहौल प्रोत्साहित किया जाए. खिलाड़ी अपने कंप्यूटर पर जवाब देते हैं जबकि खेल साझा स्क्रीन पर दिखाए जाते हैं, ताकि ‘कैम्पफ़ायर मोमेंट्स’ जैसा माहौल बन जाए और कक्षा में मौजूद सभी लोग एक साथ बैठा हुआ महसूस कर सकें.

 3.      स्कूलॉजी (Schoology)

कभी-कभी लिये गए लेक्चर और आगामी लेक्चरों का लेखा-जोखा रखने में काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसीलिए, ऐसे वक्त लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम यानी (LMS)  शिक्षण प्रबंधन प्रणाली का महत्त्व बढ़ जाता है.

स्कूलॉजी शिक्षण प्रबंधन प्रणाली है, जो कक्षा की कार्यतालिका, पाठ्यक्रम और कैलेंडर बनाने की सुविधा प्रदान करती है. यह विद्यार्थियों के बीच होनेवाले संवादों और साथ ही उनके परीक्षा-परिणामों और मूल्यांकनों का लेखा-जोखा भी रखती है. आप अपने विद्यार्थियों की शिक्षा को अधिक मनोरंजक और दिलचस्प बनाने के लिए उसमें असाइनमेंट, क्विज़, पहेलियाँ, मीडिया अलबम और अन्य संसाधन भी जोड़ सकते हैं. संवादात्मक शिक्षा के लिए यह टूल बहुत ही कारगर है और इसका बेसिक पैकेज मुफ़्त उपलब्ध है. आइए, इस टूल की असीम संभावनाओं पर एक नज़र डालते हैं.  

4.      डेस्मॉस (Desmos)

ब्लैकबोर्ड पर ग्राफ़ बनाने में आपको काफ़ी समय लग सकता है. चूंकि स्कूल में हर एक विषय के लिए समय निश्चित होता है, इसलिए ग्राफ़ बनाने और उसे प्रस्तुत करने का काम किसी टूल से लिया जाता है और इसका बहुत फ़ायदा हो सकता है. डेस्मॉस ऐसा ही असाधारण रूप से तेज़ ऑनलाइन कैल्क्यूलेटर है, जो ऐसे हर किसी कार्य का ग्राफ़ बना सकता है जिसे आकृतियों में उकेरा जा सकता है. इसकी मदद से उपयोगकर्ता स्लाइड जोड़ सकते हैं, डेटा तालिका में परिवर्तन कर सकते हैं, उसे पूरी तरह से नया बना सकते हैं और भी बहुत कुछ कर सकते हैं. हो सकता है कि कभी-कभी कक्षा में विद्यार्थियों को निर्देशांक ज्यामिति और रेखीय समीकरणों जैसी जटिल परिकल्पनाओं से जोड़े रखने में दिक्कत आती हो, लेकिन डेस्मॉस की मदद से आप यह काम बहुत ही आसानी से कर सकते हैं. यह टूल आपके विद्यार्थियों को किताबों की दुनिया से भी आगे ले जाने और नवीनतम जानकारी मुहैया करवाने में आपकी ख़ूब मदद करता है.

5.      डूओलिंगो (Duolingo)

विद्यार्थी आसानी से भाषाएँ सीखने में दिलचस्पी नहीं लेते, क्योंकि इस मामले में वे जल्दी ही ऊब जाते हैं. भाषाएँ सिखाने के नीरस तौर-तरीके भी इस काम को और भी चुनौती भरा और मुश्किल बना देते हैं.

डूओलिंगो एक ऐसा ऐप और वेबसाइट है जिसकी मदद से विद्यार्थियों के लिए भाषाओं को सीखना मज़ेदार और संवादात्मक हो जाता है. डूओलिंगो में 20 भाषाओं के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका मौजूद है.

डूओलिंगो सबूत है कि पाठों का गेमिफ़िकेशन करना कितना प्रभावशाली होता है. हालाँकि कई टूल और ऐप्लिकेशन स्टेम (STEM - Science, Technology, Engineering and Mathematics ) यानी विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग और गणित पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन डूओलिंगो भाषाएँ सिखाने की प्रक्रिया को दिलचस्प बनाने का साहस दिखाता है. डूओलिंगो पहले अक्षर, फिर शब्द और उसके बाद वाक्य सिखाने के सामान्य तौर-तरीके का अनुसरण नहीं करता है. यह सिखाने का एक अनोखा तरीका इस्तेमाल करता है, जिसके तहत सबसे पहले आसान वाक्य सिखाए जाते हैं और उसके बाद जटिल से जटिल वाक्य सिखाए जाते हैं.

डूओलिंगो सबूत है कि पाठों का गेमिफ़िकेशन करना कितना प्रभावशाली होता है. हालाँकि कई टूल और ऐप्लिकेशन स्टेम (STEM - Science, Technology, Engineering and Mathematics ) यानी विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग और गणित पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन डूओलिंगो भाषाएँ सिखाने की प्रक्रिया को दिलचस्प बनाने का साहस दिखाता है. डूओलिंगो पहले अक्षर, फिर शब्द और उसके बाद वाक्य सिखाने के सामान्य तौर-तरीके का अनुसरण नहीं करता है. यह सिखाने का एक अनोखा तरीका इस्तेमाल करता है, जिसके तहत सबसे पहले आसान वाक्य सिखाए जाते हैं और उसके बाद जटिल से जटिल वाक्य सिखाए जाते हैं.