कंप्यूटर लैब में बच्चों के लिए इंटरनेट को सुरक्षित कैसे बनाएँ

इंटरनेट एक बहुत ही शक्तिशाली टूल है, जिसे शिक्षा और सूचना हासिल करने के लिए तैयार किया गया है. इंटरनेट किसी भी विषय से जुड़े आंकड़ों और सूचना का छुपा हुआ ख़ज़ाना है. लेकिन साथ ही इसके ज़रिए आपत्तिजनक सूचना तक भी आसानी से पहुँचा जा सकता है. इस तरह की सूचना तक बच्चों की पहुँच रोकने के लिए स्कूलों में कुछ प्रबंध किया जाना बेहद ज़रूरी है. [1]

आइए, देखते हैं कि आप यह काम कैसे कर सकते हैं:

  1. वयस्क सामग्री वाली वेबसाइटों पर ऐक्सेस ब्लॉक करें

    ऐसी बहुत-सी साइटें हैं जो जुए से जुड़ी होती हैं और ग्राफ़िक सामग्री से भरी पड़ी होती हैं और ड्रग्स, नशीली सामग्री, गन, बंदूक या ऐसी हर वे सामग्रियों का प्रचार करती हैं; जो बच्चों के लिए उचित नहीं होतीं. छोटे बच्चे अकस्मात ही किसी वयस्क वेबसाइट में पहुँच जाते हैं (अक्सर किसी फ़ोटो या लिंक पर क्लिक करने पर ऐसा हो जाता है, हालाँकि उन्हें पता नहीं होता कि वे क्या कर रहे हैं.) दूसरी ओर उनसे कुछ बड़े और किशोर चाहकर ऐसी सामग्री देखने के लिए पहुँच जाते हैं. यही कारण है कि कंप्यूटर पर वयस्क सामग्री को ब्लॉक कर दिया जाना चाहिए.  
  2. वीपीएन – थर्ड पार्टी फ़ाइल शेयरिंग की सुविधा को ब्लॉक करके आप डाउनलोड रोक सकते हैं

    वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) की मदद से लोग एक टनल का निर्माण करते हुए सुरक्षा प्रतिबंधों की उपेक्षा करते हैं. विद्यार्थियों को आपत्तिजनक भागों तक पहुँचने या अश्लील सामग्री डाउनलोड करने से रोकने के लिए नेट नैनी, नॉर्टन फ़ैमिली या K9 वेब प्रोटेक्शन जैसे सॉफ़्टवेयर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
  1. फ़ाइलों के ऐक्सेस पर नियंत्रण रखने के लिए ऐक्सेस फ़िल्टर का उपयोग करें

    ऐक्सेस कंट्रोल लिस्ट (ऐक्सेस नियंत्रण सूची) यह निर्धारित करती है कि आपके सिस्टम पर कोई उपयोगकर्ता क्या कर सकता है और क्या नहीं कर सकता. विद्यार्थियों को अगर इंटरनेट से कोई सामग्री डाउनलोड करने से रोकना है, तो एसीएल में कुछ इस तरह से बदलाव करना होता है कि कोई सामग्री या फ़ाइल डाउनलोड नहीं की जा सकती. विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं द्वारा मुहैया करवाए जा रहे फ़ाइल ऐक्सेस फ़िल्टर्स की मदद से ऐसा किया जा सकता है. ये फ़िल्टर्स उन फ़ाइलों पर लागू होते हैं, जिनका आपने चयन किया है, जबकि अन्य फ़ाइलें उपलब्ध रहती हैं. [3]

 

सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को यह फ़ैसला करना होता है कि स्कूल में विद्यार्थियों के लिए कौन-सी वेबसाइटें ऐक्सेस करना प्रासंगिक होगा और उन्हें उसके हिसाब से कदम उठाने होंगे. इसके अतिरिक्त इंटरनेट ऐक्सेस को फ़िल्टर करने के दौरान यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया जाना चाहिए कि विद्यार्थी कोई भी प्रासंगिक या उचित सामग्री तक आसानी से ऐक्सेस पा रहे हों. यह उद्देश्य पूरा करने के लिए ऐसे कई एआईओ डेस्कटॉप मौजूद हैं जो मैकअफ़ी से युक्त सुरक्षा सेवाएँ मुहैया करवाते हैं. इनसे पता चलता है कि सुरक्षा इंतेज़ाम ठीक से किए गए हैं. इस फ़्रेमवर्क का इस्तेमाल करते हुए आइए, स्कूलों व घरों में बच्चों के लिए कंप्यूटर को सुरक्षित बनाया जाए.