एक नई प्रकार की शिक्षा: पीसी द्वारा सक्रियित

 

पीसी-लर्निंग का युग शिक्षा का एक नया रूप लाया है जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों को कई लाभ होते हैं। शिक्षक के रूप में आपको इन लाभों का इस्तेमाल कक्षा में शिक्षा का सर्वोत्तम परिवेश तैयार करने के लिए करना चाहिए।

 

  1. मल्टीमीडिया का इस्तेमाल अपने लाभ के लिए करें

पीसी चालित टूल्स से विद्यार्थी तकीनीकी कुशलताएँ सीखने के साथ-साथ परिकल्पना कर पाते हैं, सृजन कर पाते हैं और स्वयं को व्यक्त कर पाते हैं। इससे ना केवल उनके विचारों को आगे लाने में बल्कि इससे उनके आगे के जीवन में भी मदद मिलती है। आने वाले कल के बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुरुआत से ही मल्टीमीडिया का आदी बनाएँ।

 

  1. तय करें कि सीखने में किसी भी प्रकार की पाबंदी ना हो

वर्चुअल लर्निंग से विद्यार्थियों को अब शिक्षा का सिर्फ एक ही प्रकार चुनने की जरूरत नहीं है क्योंकि वे दुनियाभर से कोई भी कुशलता सीख सकते हैं। इससे ना केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि इससे उन्हें अपने व्यक्तित्व की खोज करने और उसका निर्माण करने का मौका मिलता है।

 

  1. प्रत्यक्षकरण टूल्स का इस्तेमाल करें

अमूर्त अवधारणाओं की कल्पना करना अधिकतर कठिन होता है इसलिए आप अवधारणाओं को कम अमूर्त और ज्यादा ठोस बनाने के लिए पीसी सक्रियित शिक्षा टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि इन्हें बच्चे ठीक सामने से देख सकते हैं।

 

  1. आसान संचार प्रोत्साहित करें

कंप्यूटर, तकनीक और इंटरनेट से दुनिया दूर होने के बावजूद करीब आ जाती है। आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके बच्चे सिर्फ आपके शहर, स्कूल और कक्षाओं तक ही सीमित कुछ चीजें ना सीखें बल्कि वे सीखने के प्रति एक वैश्विक नजरिया रखें।

 

  1. अनुसन्धान और जानकारी तक तेज पहुँच सक्रिय करें

कंप्यूटर शिक्षा से बच्चे अनुसन्धान के लिए जानकारी को तेजी और आसानी से एक्सेस कर पाते हैं। बस कुछ ही क्लिक द्वारा वे अपनी शंकाओं का समाधान पा सकते हैं जिससे उन्हें विषय को और भी बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।

 

अपनी कक्षा में ई-लर्निंग शामिल करके अपने विद्यार्थियों के अध्ययन और जानकारी आत्मसात करने का तरीका बदलें।



वर्चुअल स्कूल में शानदार प्रदर्शन के लिए सुझाव

क्या  दूर से शिक्षा का यह आपका पहला अनुभव है? आपको नहीं पता कि अपने दिनों की संरचना कैसे करनी है? सबसे पहले, आपको बढ़िया आदतें अपनाना तय करना होगा और ऑनलाइन शिक्षा में सफल होने के लिए ज्यादा से ज्यादा स्वंतत्र रूप से काम करना होगा। अपनी वर्चुअल स्कूल में शानदार प्रदर्शन करके अपनी क्लास में सबसे ऊपर आने के लिए यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं

1. लुभावनी सामग्रियां तैयार करें

पॉइंट्स, तिथियों और नामों के लिए लुभावने और रंगीन फ़्लैशकार्ड्स तैयार करें। फ़्लैशकार्ड्स से आपको भूल जाने वाले विवरण आसानी से याद रखने में मदद मिलेगी।

2. ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहें

ऑनलाइन क्लासेस बहुत ज्यादा ध्यान भटका सकती हैं। सुनिश्चित करें कि आप शोरगुल वाली जगह से दूर किसी शांत जगह में बैठें और शिक्षक जो भी कहें उसपर ध्यान केन्द्रित करें। अपना पोश्चर सही रखें जैसे कि आप अपनी कक्षा में बैठे हों।

3. प्रश्न पूछें

प्रश्न कभी भी बहुत ज्यादा नहीं होते। अपने शिक्षकों से पेंचीदा कॉन्सेप्ट्स विस्तार में समझाने के लिए कहें। अगर किसी चीज में ज्यादा कठिनाई होती है, तो अपने क्लास टीचर से अलग से बात करें।

4. आर्गनाइज्ड बनें

अपने कंप्यूटर और अपने ईमेल प्रोग्राम में हर क्लास के लिए इलेक्ट्रॉनिक फ़ोल्डर्स तैयार करें। अगर आपका वर्चुअल स्कूल ऑनलाइन प्लानर की सुविधा देता है, तो अपनी अपॉइंटमेंट्स शेड्यूल करने के लिए और ज्यादा आवश्यकता के क्रम में आइटम्स को जमाकर किए जाने वाले कार्यों की सूची तैयार करने के लिए उसका इस्तेमाल करें।

5. सकारात्मक रहें

बदलाव के दौरान कामयाब होना मुश्किल है लेकिन सकारात्मक नजरिए से ऐसा किया जा सकता है। ऑनलाइन शिक्षा के बारे में सकारात्मक नजरिया रखना ऐसा सबसे शानदार तोहफा है जो आप खुद को दे सकते हैं।

गुड लक!



रट्टा मारकर सीखना- शिक्षा का बेअसर तरीका

बच्चे अक्सर अपना सिलेबस खत्म करने के लिए रट्टा मारकर सीखने की आदत डाल लेते हैं। हालाँकि, रट्टा मारना एक बेअसर तरीका है क्योंकि इससे बच्चों को अवधारणाओं को समझने का सबक नहीं मिलता। लंबे समय में इससे कोई फायदा नहीं होता क्योंकि इस तरीके से सीखी गई अवधारणाओं को बच्चे जल्दी ही भूल जाते हैं।

रट्टा मारकर सीखने के ध्यान देने वाले कुछ नुकसान इस प्रकार हैं:

आसानी से भूलना -

परीक्षा के समय बच्चों को उनके द्वारा सीखी जाने वाली अवधारणाओं को पूरी तरह समझने की जरूरत होती है। अगर वे रट्टा मारकर सीखते हैं, तो इसकी बहुत ज्यादा संभावना है कि परीक्षा खत्म होते ही वे जानकारी को पूरी तरह भूल जाएँगे। भविष्य में इससे उनकी प्रगति में रूकावट आती है क्योंकि वे आसानी से उन्नत अवधारणाओं की ओर नहीं बढ़ पाते।

विषय की गहन समझ का सीमित होना -

रट्टा मारकर सीखने से किसी भी विषय की नींव कमजोर होती है, जिससे उनकी प्रगति के साथ-साथ कठिन अवधारणाएँ सीखने में रूकावट आती है। उदाहरण के लिए गुणा करना जाने बिना कोई भी किसी समीकरण को हल नहीं कर सकता। रट्टा मारकर याद करने के तरीके से बच्चे नए और पुराने ज्ञान के बीच का जटिल संबंध नहीं बना पाते हैं।

दिमाग को चुनौती ना दे पाना-

बच्चों को कोई हल याद करने की बजाय उसे प्रमाणित करने की चुनौती देने से उन्हें अवधारणाएँ गहन तरीके से समझने में मदद मिलती है। जब वे अपने दिमाग को चुनौती देते हैं, तब वे सीखकर विकसित होते हैं जिससे उन्हें अपनी कक्षा में अव्वल रहने में मदद मिलती है।

रट्टा मारकर सीखने को ना कहें और अपने बच्चे को ज्ञान, विकास और उत्सुकता से भरा ऐसा भविष्य दें जिनके वे हकदार हैं। हमारे वेबिनार में शामिल होकर महत्वपूर्ण अवधारणाएँ समझने और डिजिटल दुनिया की पीढ़ी के पालन पोषण के तरीके के बारे में सीखें।- https://www.dellaarambh.com/webinars/