वर्चुअल लर्निंग के दौरान माता-पिता और टीचर के बीच सहयोग

वर्तमान समय को अपनाने से वर्चुअल स्कूलिंग की शुरुआत हुई है। इससे नए परिदृश्यों का पता चला है जिससे बच्चे की शैक्षिक यात्रा समझने में मदद मिलती है। इसमें से एक कारक माता-पिता और टीचर के बीच लगातार बातचीत का होना शामिल है जिससे बच्चे के शिक्षण पर असर पड़ता है।

प्रगति को ट्रैक करना

माता-पिता होने के नाते अपने बच्चे के शिक्षण और स्कूल में उनकी प्रगति के बारे में आपको समान्यतः ज्यादा पता होता है। आपके बच्चे को सभी सबक अच्छे से समझ में आ गए हों यह आपकी जवाबदारी भी है और घर पर आपको इसका मौका भी मिलता है। ‘क्लास में आज सबसे अच्छी चीज क्या हुई?” या ‘मुझे ऐसी कोई दो नई चीजें बताओं जो तुमने इस सप्ताह क्लास में सीखीं हों’ उनके बारे में मुझे बताओ’ जैसे प्रश्न पूछना बहुत जरूरी है।

खुली बातचीत

ऐसे प्रश्नों से स्कूल में आप स्कूल में आपके बच्चे को होने वाली परेशानियों को भी बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। इसके बाद आप तुरंत ही उनके टीचर से परेशानियों या मतभेद के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इस लगातार, निष्कपट चर्चा से आपके बच्चे के विकास और अवधारणा पर नजर रखने में आपको और शिक्षक दोनों को मदद मिल सकती। इस तरह बच्चे पर किसी भी तरह से दबाव डाले बिना समस्याओं को आराम से सुलझाया जा सकता है।

सकारात्मक असर

बच्चे को उनके माता-पिता और टीचर के बीच बढ़िया संबंध के बारे में पता चलने पर वे तुरंत ही हर प्रकार के प्रश्न पूछने में काफी आत्मविश्वासी महसूस करने लगते हैं। इससे उन्हें क्लास और घर दोनों जगह ज्यादा उत्साही और आकर्षित होने के लिए बढ़ावा मिलता है। इससे वे प्रोत्साहित बने रहते हैं और अपने सबक याद रखने में और स्कूल में विषयों का आनंद लेने में बेहतर हो जाते हैं। यह सभी के लिए फायदेमंद होता है।

माता-पिता होने के नाते आप हमारे वेबिनार से टीचर्स के साथ सहयोग प्रभावी बनाने के तरीकों के बारे में ज्यादा जान सकते हैं। डिजिटल परिवेश के बच्चों की प्रभावी ढंग से परविश करने के संबंध में हमारे वेबिनार में शामिल हो जाएँ: https://www.dellaarambh.com/webinars/