तकनीक से इस प्रकार विद्यार्थी की शैक्षिक सफलता के प्रति 360⁰ अभिगम संभव होता है

 

360⁰ अभिगम में सभी मार्ग और संपर्क सूत्र शामिल हैं जिनके माध्यम से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। 360⁰ शिक्षा से समग्र विकास सक्षम होता है जिसमें प्रयोगशालाओं से लेकर ऐसे माध्यम तक, जहाँ पियर-टू-पियर शिक्षण की अंतर्वस्तु का उपयोग किया जाता है, शामिल हैं।

आज तकनीक शिक्षा के प्रति इस पूर्ण विकसित अभिगम का नेतृत्व कर रही है। यह शिक्षा की ई-पुस्तकें, पीडीएफ, ऑडियो/विजुअल शिक्षा, गेस्ट लेक्चर्स, वैश्विक कक्षा, एंड-टू-एंड प्रशिक्षण, कक्षाओं में रियल-टाइम प्रतिक्रिया और शंका निवारण जैसी संवादात्मक और मनोरम विधियाँ लेकर आई है।

इसके बहुत-से लाभ हैं:

 

  • निजीकृत शिक्षा

शिक्षा की पारंपरिक विधि के विपरीत डिजिटल शिक्षा विद्यार्थियों को सीखने के बहुत से मार्ग प्रदान करता है। विद्यार्थी A/V, पियर-टू-पियर शिक्षण, ई-पुस्तकें, इत्यादि जैसे फॉर्मेट में से सबसे सुविधाजनक फॉर्मेट से सीख सकते हैं।

 

  • स्मृति में सुधार

जब विद्यार्थी ऑडियो, वीडियो, या टेक्स्ट में से अपनी सुविधा के फॉर्मेट में सीखते हैं, तो वे अध्ययन की गई चीजों को संभावित रूप से ज्यादा समय तक याद रख पाते हैं।

 

  • सक्रिय सहभागिता

मनोरम प्रेजेंटेशन जैसे सिक्षा के मजेदार तरीकों का इस्तेमाल करके शिक्षक कक्षा में सक्रिय सहभागिता का परिवेश तैयार कर सकते हैं।

 

  • सहयोगपूर्ण रूप से और एक-दूसरे से सीखना

ऑनलाइन कक्षाओं, असाइनमेंट्स, और रियल टाइम अपडेट्स के माध्यम से विद्यार्थी जानकारी साझा करके, एक-दूसरे से सीखकर विकसित हो सकते हैं।

 

  • भविष्य के लिए तैयार होने में उनकी मदद करती है

भविष्य डिजिटल है। बच्चों को आने वाले कल के पीसी शिक्षा जैसे साधनों से अवगत करवाकर उन्हें कम आयु से ही अत्यावश्यक कुशलता से सज्जित किया जा सकता है।

 

डेल आरम्भ में हमारा उद्देश्य डिजिटल भारत का सपना साकार करने के लिए माता-पिता, विद्यार्थियों, और शिक्षकों में तकनीक की शक्ति के बारे जागरूकता उत्पन्न करना है। संपूर्ण देश में पीसी-सक्रियित शिक्षा को कक्षाओं में लाकर हमारा उद्देश्य आने वाले कल के भविष्य, आज के बच्चों के मन में सृजनात्मकता, गहन सोच, और जटिल समस्या निवारण की कुशलता विकसित करना है।