हाइब्रिड शिक्षण हेतु 2 जरूरी सुझाव

आधुनिक शिक्षा तकनीक से हाइब्रिड शिक्षा का परिवेश तैयार हो सका है जहाँ शिक्षक आमने-सामने और दूर रहने वाले शिष्यों को एकसाथ पढ़ा सकते हैं।

यह एक ऐसा मॉडल है जिससे विद्यार्थियों को फायदा होने की उम्मीद है। यह तेजी से प्रसिद्ध होने वाली एक पद्धति भी है और आने वाले महीनों और वर्षों में इसकी ज्यादा मांग होने की भी संभावना है। इसलिए हाइब्रिड शिक्षा के सुझाव समझने की कोशिश करना जरूरी है।

दोनों समूहों पर बराबर ध्यान दें

जब आप भौतिक रूप से आपकी ही तरह कक्षा में मौजूद विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं, तब ऐसे विद्यार्थियों को प्राथमिकता देना प्राकृतिक प्रवृत्ति हो सकती है। इस जाल में फंसने से बचें और दोनों ही समूहों पर बराबर ध्यान देने की कोशिश करें।

सुनिश्चित करें कि दोनों समूह एक-दूसरे का सहयोग करते हुए काम करें

अपने ऑफलाइन और ऑनलाइन विद्यार्थियों को एक-दूसरे से बात करने का मौका दें। सुनिश्चित करें कि वे गतिविधियों और प्रोजेक्ट्स में एकसाथ भाग लें, ताकि विद्यार्थियों के मध्य कोई अंतर ना रहे।

हाइब्रिड शिक्षा से शिक्षा के प्रति हमारी सोच बदल रही है और यह पारंपरिक रूप से मौजूद बहुत सी बाधाओं को दूर कर रही है। इससे केवल विद्यार्थियों को सीखने के तरीके को चुनने में काफी फ्लेक्सिबिलिटी और आजादी ही नहीं मिलती बल्कि इससे शिक्षा का एक्सेस भी बहुत बढ़ जाता है। 

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