#DigiMoms – ये आपके लिए मार्गदर्शक है!

 

आप आपके बच्चे की केवल रोल मॉडल ही नहीं बल्कि सुपरवुमन और भी सब कुछ हैं. साथ ही आप उनकी #DigiMom भी हैं. तो, ये सब आप कैसे करेंगे!

 

1. अच्छा व्यवहार करने का हमेशा फायदा ही होता है

आपका अच्छा व्यवहार ही आपको काबिल बनाता है

एक माँ के रूप में, सुबह उठाने से लेकर बच्चे को सुलाने तक हर पल आपके अच्छे व्यवहार की परीक्षा होती है. आपका बच्चा बहुत सी चीज़ों की मांग कर सकता है और उसमें भी टेक्नॉलोजी से संबंधित मांगें थोड़ी कठीन हो सकती हैं. आपके बच्चे को उसकी बातें सुनी जाती हैं ऐसा सुनिश्चित करवाने के लिए रोज़ टेक्नॉलोजी के लिए कुछ समय निश्चित कर लें. इसमें पीसी और मोबाइल दोनों शामिल होने चाहिए. जैसे ही आपके बच्चे को पता चलेगा कि निश्चित समय पर टेक्नॉलोजी का इस्तेमाल करने मिलेगा, तो वो अनपेक्षित मांग नहीं करेगा.

 

2. सब्र एक शक्ति है - इसे बनाए रखें

अपने बच्चे की शिक्षा के लिए पीसी पर योग्य रिसोर्स चुनने के लिए सब्र बहुत ज़रूरी होता है. आपका बच्चा किसी भी वेबसाइट का इस्तेमाल करे उससे पहले आप उस वेबसाइट को जांच लें और सुनिश्चित कर लें कि उसमें ऐसी कोई जानकारी ना हो जो आप अपने बच्चे को देखने नहीं देना चाहते. दूसरी ज़रूरी बात जिसके लिए आपको सावधान रहना चाहिए वो है गलत खबरें और डेटा. आपको अपने बच्चे को वास्तविकता और कल्पना के बीच का फर्क सीखाना चाहिए.

 

3. जागरूक रहें

यदि आपके बच्चे को कोई सवाल होंगे तो या तो आपको जवाब देना पड़ेगा या इंटरनेट देगा. इंटरनेट तुरंत जवाब दे देगा पर शायद वो सही ना भी हो. ऐसी स्थिति में, सबसे आसान तरीका है, उनके लिए हाजिर रहें और उन्हें सुनें. 

हर माँ के पास कामों की चेकलिस्ट (सूची) तैयार होती है. इसी तरह डिजिटल पेरेन्टिंग के लिए भी एक चेकलिस्ट (सूची) तैयार कर लें. इससे आप कुछ ही समय में डिजिटल पेरेन्टिंग में काबिल हो जाएंगे. महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने कामों से कुछ समय निकाल लें और पीसी की मदद से आपको और आपके परिवार को जितना भी फायदा हो सकता है उतना सीख लें. हैप्पी डिजिटल पेरेन्टिंग!