प्रौद्योगिकी के साथ शिक्षण के पांच नियम

 

ये तो मानना होगा कि प्रोधोगिकी ने शिक्षा को बदल दिया है. कुछ साल पहले तक “शिक्षा के लिए पीसी” किसी ने नहीं सुना था और अब ये हर उस शिक्षक के लिए अहम है जिसे अच्छे से महान की ओर बढ़ना है.

अब बड़ा सवाल ये है कि कक्षा में प्रोद्योगिकी का उपयोग सरल कैसे किया जाए – जानकारी यहां है:

 

नियम #1: अनुसंधान की कला में महारथ हासिल करें

बेशक ये करने में सबसे कठिन है पर एक बार आप इस पर विजय पा लें - तो बस फिर कोई आपको रोक नहीं पाएगा. सबसे पहले, अपने ब्राउज़र में Wikipedia और Google Scholar जैसी ज़रूरी चीज़ों को बुकमार्क करें. इसके बाद, Google News के माध्यम से अपने विषय के समाचार अनुभाग और अपनी रूचि के विषयों को खोजने का दैनिक अभ्यास बना लें, ताकि आपको मालूम रहे कि वास्तविक समय में क्या हो रहा है.

 

नियम #2: जहां भी ज़रूरी हो क्रेडिट ज़रूर दें

नकल चापलूसी का सबसे अच्छा स्वरूप है...

लेकिन शिक्षाविदों के लिए नहीं!

साहित्यिक चोरी की समस्याओं से बचने के लिए, किसी भी लेख, शोध पत्र या वेबसाईट से ली गयी किसी भी जानकारी के लिए हाइपरलिंक या स्रोत का हवाला ज़रूर दें.

 

नियम #3: अपने डाटा का नियमित रूप से बैकअप लें

जब भी किसी फ़ाइल में बदलाव करते हैं या कोई नई फ़ाइल बनाते हैं, तो आपको अपनी फ़ाइलों का बैक अप लेना होता है. कभी बैकअप लेना रह न जाए इसके लिए बैकअप शेड्यूल बनाना अच्छा रहता है. अगर आप किसी ज़रूरी प्रोजेक्ट पर काम करे हैं तो शायद आप बार-बार बैकअप लेना चाहेंगे, फिर चाहे रोज़ाना ही क्यों न लेना पड़े.

 

नियम #4: ईमेल शिष्टाचार को ध्यान में रखें

ये बुनियादी बात है कि अपनी बात व्यक्त करने का तरीका बहुत महत्वपूर्ण होता है. उदाहरण के लिए, लंबी और पॉइंट से भटकी हुई ईमेल्स किसी काम की नहीं होती हैं. हमेशा मुद्दे की ही बात करें और ध्यान दें कि आप जो अटेचमेंट भेज रहे हैं, इमेल में उनका उल्लेख किया गया हो और उन्हें उचित नाम दिया गया हो. 

 

नियम #5: सोशल मीडिया के डूज और डोंट्स का पालन करें

डूज

अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स पर नियंत्रण रखें

नकारात्मकता से दूर रहें

सही नेटवर्क पर सही कंटेंट इस्तेमाल करें

व्यावसायिक और व्यक्तिगत अकाउंट्स को अलग अलग रखें

अपने सोशल मिडिया प्रोफाइल्स को पूरा करें और अपडेट करें

डोंट्स

ज़रुरत से ज़्यादा पोस्ट न करें

आल कैप्स में पोस्ट्स न बनाएं

एक शिक्षक को अपने करियर में उत्कृष्टता पाने के लिए up-skilling बहुत महत्वपूर्ण है. इससे न केवल आपको मदद मिलेगी बल्कि विद्यार्थी भी ज़्यादा से ज़्यादा सीखने के लिए जुड़े रहेंगे.