पांच जीवन कौशल जिनके बारे में आपके बच्चों को हाई स्कूल तक पता होना चाहिए

 

"जीवन कौशल" को अनुकूली और सकारात्मक व्यवहार के लिए मनोवैज्ञानिक क्षमताओं के रूप में परिभाषित किया जाता है जो व्यक्तियों को रोजमर्रा की जिंदगी की मांगों और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाता है। 

निम्नलिखित दिए गए पांच "जीवन कौशल" जिनके बारे में आपके बच्चों को हाईस्कूल तक जान लेना चाहिए:

1) समय पर जागना

अभी आप "अलार्म घड़ी" हैं, लेकिन क्या आप ऐसा करने में सक्षम होंगे जब आपके बच्चे हॉस्टल में रह रहे हों या काम कर रहे हों? अपने बच्चों में समय पर बिना किसी की मदद के जागने की आदत डालना एक ज़रूरी "जीवन कौशल" है| अच्छी बात स्कूल हर दिन एक ही समय पर शुरू होता है!

2) खाना बनाना

आर्डर करना या बाहर खाना, आपके बच्चों के पास आपकी गैर-हाज़िरी में बस यही दो तरीके हैं| कभी कभी के लिए ट्रीट सही है परन्तु पूरी तरह से घर पर बने खाने की बात ही कुछ और है| पने बच्चों को चाय के लिए उबलते पानी जैसी छोटी चीजों में शामिल करके शुरू करें और धीरे-धीरे इसे तैयार करें ताकि आपके बच्चे स्वतंत्र रूप से अपने लिए पोषक भोजन तैयार कर सकें।

3) परिवार के छोटे सदस्यों की देखभाल करना

यह कुछ ऐसा है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है क्योंकि ज़िम्मेदार बनने की शुरुआत घर से ही होती है| अपने छोटे भाई या बहन, चचेरे भाई या पड़ोसी के बच्चों की देखभाल करना स्वयं के लिए एवं आप पर आश्रित लोगों के लिए ज़िम्मेदार होने की दिशा में पहला कदम है - कुछ ऐसा जिसकी इस संसार में काफी ज़रुरत है, चाहे वह एक घंटे के लिए ही क्यों न हो|

4) अनुसूची बनाना और उस पर कायम रहना

सबसे ज़रूरी जीवन कौशल जिसे कि आपके बच्चे को विकसित करना है , वह है स्कूल, ट्यूशन, खेलकूद, सामाजिक जीवन और जिम्मेदारियों को दिन के अंत में बिना किसी परेशानी के संभालना| शुरुआती समय को प्रबंधित करने का तरीका सीखना आपके बच्चे को शुरुआत से ही चुनौतियों का सामना करने के काबिल बनाएगा|

5) अच्छे से एक पीसी का उपयोग सीखना

एक डिजिटल माता-पिता के रूप में, आप जानते हैं कि बचने वाली कोई तकनीक नहीं है| घर या स्कूल में रहें - आपके बच्चे के पहले सीखने वाले गैजेट में से पीसी एक है। समय और अभ्यास के साथ, आपका बच्चा यह समझ जाएगा कि यह कितना मददगार है, चाहे बात हो पढ़ाई की, किसी नए शौक या फिर उनके मनोरंजन की|

बिना किसी संदेह के, 2018 पीसी का वर्ष है !