अतिरिक्त पाठ्यचर्या गतिविधियों में आपके बच्चे को नामांकित करने के पांच कारण

 

उठना
स्कूल
ट्यूशन
सोना
दोहराना

आखिर क्या छूट रहा है ?

एक ऐसी गतिविधि जो आपका बच्चा पसंद करता है और साथ ही उसके लिए तत्पर है!

कल्पना कीजिये हर एक दिन एक जैसे रूटीन में महसूस होने वाली बोरियत का। यह वैसी ही भावना है जैसी बड़ों को वर्क-लाइफ बैलेंस न होने पर महसूस होती है - कुछ ऐसा जिसके बारे में आप जानते हैं या अपने पेशेवर जीवन में किसी बिंदु पर अनुभव कर चुके हैं।

अपने बच्चे को अतिरिक्त पाठ्यचर्या गतिविधियों में नामांकित करके, आप अपने बच्चे को आनंद लेते हुए समय का बेहतर उपयोग करने देने के अवसर देते हैं।यहाँ पांच और कारण हैं :

1) यह अध्ययन से एक बहुत आवश्यक ब्रेक है

अध्ययन और परीक्षा अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धी होने के साथ, नृत्य, योग या कला जैसे शौक में भाग लेना बहुत आवश्यक ब्रेक प्रदान करता है और आपके बच्चे के पास होने वाले किसी भी परीक्षा से संबंधित तनाव का प्रबंधन करने में मदद करता है।

2) टीम में काम करना सीखने का अवसर

नियमित रूप से समूह गतिविधियों में भाग लेने में बच्चों को टीम के प्रयासों के महत्व को समझने में मदद मिलती है और उन्हें समन्वय और दूसरों के साथ सहयोग में बेहतर बनाता है।यह उन्हें अपने साथियों से अधिक कौशल सीखने और व्यक्तिगत कमियों या डर जैसे लोगों से बात करने में भी मदद कर सकता है जिन्हें वे नहीं जानते हैं।

3) समय प्रबंधन कौशल सीखना - जो कि सिर्फ अभ्यास से ही संभव है

अतिरिक्त पाठ्यचर्या गतिविधियों में भाग लेने में प्राथमिकता प्रतिबद्धताओं के साथ पढ़ाई और खेल के बीच एक बेहतर संतुलन बनाए रखना भी शामिल है। यह बच्चों को प्रभावी धग से अपने दिन और कार्यों को योजनाबद्ध बनाना सिखाता है - एक ऐसा कौशल जो कि अभ्यास से ही बेहतर होता है।

4) आवश्यक सामाजिक कौशल का विकास

नए लोगों के साथ बातचीत करने और गतिविधियों में भाग लेने के मानसिक और भावनात्मक दोनों फायदे हैं। यह बच्चों को नए दोस्त बनाने में मदद करता है और उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ावा देता है।

5) कुछ नया एक्सप्लोर करें

अतिरिक्त पाठ्यचर्या गतिविधियों को सिर्फ खेल के मैदान तक सीमित नहीं होना चाहिए।पीसी ने शिक्षा को को जैसे नया आसान और अधिक गम्य बना दिया है।आप अपने बच्चे को Canva के माध्यम से डिजिटल कला लेने या Code.org से कोड की मूल बातें सीखने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। यदि पहले से आपके बच्चे के स्कूल में यह गतिविधियाँ स्कूल द्वारा प्रदान नहीं की जा रही हैं तो आप स्कूल के प्राधिकारी वर्ग से इसके सेटअप की बात कर सकते हैं या फिर अपने बच्चों को खुद से पहल करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

जब तक आपका बच्चा चुनौतीपूर्ण महसूस कर रहा है और गतिविधि का आनंद ले रहा है, तब तक आपका बच्चा कभी नहीं कहेंगे "माँ, मैं ऊब गया हूं" :)