पांच ट्रेंड्स जिन्हें आप 2020 में देखेंगे

 

जिस तरह से भारत बड़ी तेज़ी के साथ ज्ञान अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जहां विकास सूचना की गुणवत्ता पर निर्भर करता है, हमारे लिए यह और भी ज़रूरी हो जाता है की हम अपने बच्चों को ज़रूरी कौशल के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार करें। तकनीक के साथ सीखने और सहज रहने की क्षमता एक काफी महत्वपूर्ण कौशल है जिसे हर अभिभावक को अपने बच्चे को प्रदान करना चाहिए।   

  

1. वॉइस टेक्नोलॉजी 

 

 

वॉइस टेक्नोलॉजी दिए गये कार्य को करने के लिए स्पीच रिकग्निशन की मदद लेती है, जिससे कि समय की बचत के साथ-साथ जानकारी तक पहुँचना आसान हो जाता है। 1  असल में, इसका प्रयोग क्लासरूम छात्रों के सीखने के लिए एक फन गेम का निर्माण करके लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए भी किया जा सकता है। 2 

 

2. 5जी

 

 

5जी अगली पीढ़ी की वायरलेस तकनीक है जो कि 4जी का उन्नत संस्करण है। इसके कई फायदे हैं जैसे हाई स्पीड इंटरनेट, हाई बैंडविड्थ और लोअर लैगिंग या बफरिंग। जो बात इसे और भी खास बनाती है वह यह है कि यह स्मार्टफोन से परे कनेक्टिविटी को सक्षम कर सकता है, जिसमें कंप्यूटर, IoT और स्मार्ट डिवाइस शामिल हैं। 3

 

3. डेटा विश्लेषण

 

 

 

इसमें बड़ी मात्रा में रॉ-डेटा के प्रसंस्करण को एक व्यवहारिक और उपयोगी प्रारूप में परिवर्तित करना शामिल है। इसका उपयोग डेटा को समझने, मुद्दों की पहचान करने और डेटा के उपयोग के बारे में अनुशंसा करने के लिए किया जा सकता है।4  उदाहरण के लिए, शिक्षक एक छात्र की सीखने की क्षमता और वरीयताओं के अनुसार परीक्षण स्कोर का विश्लेषण कर सकते हैं।      

 

4. इंटरनेट ऑफ थिंग्स

 

 

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) का इस्तेमाल एक विशाल नेटवर्क बनाने और डेटा साझा करने वाले उपकरणों को इंटरनेट से और एक-दूसरे से जोड़ने के लिए किया जाता है। आज, आईओटी को सेल्फ-ड्राइविंग कारों, फिटनेस और घरेलू उपकरणों सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में देखा जा सकता है। 6 इसके साथ ही इसका उपयोग शिक्षण सामग्री को ऑनलाइन उपलब्ध कराने, ग्रेड प्रबंधित करने और ऑनलाइन कक्षाएं लेने के लिए किया जा सकता है।7   

 

5. साइबर सुरक्षा

 

 

बैंकिंग डिटेल जैसी महत्त्वपूर्ण जानकारी की डिजिटल उपस्थिति होने के कारण, साइबर सुरक्षा का पूर्ण रूप से विकसित होना और भी ज़रूरी हो जाता है। आज इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ने के कारण लक्षित रैनसमवेयर, फ़िशिंग और मोबाइल बैंकिंग हमलों जैसे कई खतरे मौजूद हैं। एआई जैसी विकसित तकनीक की मदद से हम इन समस्याओं का मुकाबला कर सकते हैं और इंटरनेट को सुरक्षित बना सकते हैं।8

जहां एक तरफ आगामी रुझानों के बारे में सीखना ज़रूरी है, वहीं दूसरी तरफ यह भी ज़रूरी है कि हमारे छात्र हर आवश्यक पीसी कौशल से लैस हों। आइये इस वर्ष 2020 में हम साथ ( together!) मिलकर तकनीक को अपनाएं।