अपने छात्रों के गंभीर सोच कौशल को सुपरचार्ज करने के पाँच तरीके

 

विवेचनात्मक सोच सामायिक नहीं है। यह एक महत्वपूर्ण कौशल है जो आज के हर छात्र को कल के लिए तैयार करने में मदद करेगा।

सीधे शब्दों में कहें तो इसका मतलब दोनों पक्षों की जानकारी का विश्लेषण करके और यदि आवश्यकता हो तो इसका विरोध करके एक राय बनाने की क्षमता है। आपके छात्र कक्षा में पढ़ाए गए अवधारणा के तर्क और विचार को समझ पाएँगे जिससे उन्हें परीक्षाओं में मदद मिलेगी - न कि रट्टामार पढ़ाई करनी पड़ेगा।

इन पाँच तरीकों से आप अपने छात्रों के सोचने के महत्वपूर्ण कौशल को सुपरचार्ज कर सकते:

1) आज का सवाल

अपने पाठ के अंत में कक्षा से एक ऐसा प्रश्न पूछें जो उन्हें हैरान कर दे - जैसे कि "अगर दुनिया सपाट होती तो क्या होता?" इस तरह की गतिविधि आपके छात्रों को किसी भी सिद्धांत के "क्यों" को पढ़ने और समझने के लिए उत्सुक करेगी।

2) क्यों?

अपने छात्रों को किसी सिद्धांत का तर्क खुद समझने को कह कर कक्षा की सामान्य दिनचर्या को बदलें। उदाहरण के लिए, उनसे पूछें कि “पत्तियाँ हरी क्यों होती हैं?” और देखें कि वे क्या कहते हैं। यह गतिविधि आपकी कक्षा को अधिक व्यस्त और जीवंत बनाएगी।

3) बहस अच्छी है

विद्यार्थियों के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित करवाएँ और उन्हें पक्ष लेने को कहें। शुरुआत में ऐसे विषय दीजिए जिसके प्रति छात्र भावुक हों - जैसे विषय अनिवार्य यूनिफार्म। जब आपको लगे कि छात्र तैयार हैं आप उन्हें अधिक गहन विषय भी दे सकते हैं। पीसी पर शोध को प्रोत्साहित करें ताकि हर छात्र बेहतर और सूचित तर्क पेश कर सके।

4) बिंदुओं को जोड़ें

विभिन्न सिद्धांतों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए माइंडमाइस्टर जैसे तकनीकी उपकरण (tech tool such as Mindmeister) का उपयोग करें। ये कनेक्शन परीक्षाओं के लिए सिद्धांतों को याद रखने में आपके छात्रों की मदद करेंगे। आखिरकार, परीक्षाओं के नंबर मायने रखते हैं।

5) यह सही है या ग़लत?

अपने छात्रों से मुश्किल ‘सही या ग़लत’ प्रश्न पूछने के लिए गूगल फॉर्म (Google Forms) अथवा सर्वे मंकी (Survey Monkey) का उपयोग करें। Buzzfeed (Buzzfeed) की यह प्रश्नोत्तरी शुरू करने के लिए एक अच्छा संदर्भ है।

शिक्षण मंडलियों में पीसी का उपयोग और विषय वास्तु की बेहतर समझ के संबंध की काफ़ी चर्चा हो रही है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक पीसी आपके छात्रों को स्वतंत्र शिक्षार्थी बनने में मदद करता है और साथ ही वह पढ़ाई से प्यार भी करने लगते हैं।