सोशल मीडिया कैसे शिक्षण का साधन बन सकता है

पिछले दो दशकों में सोशल मीडिया के विकास के दौरान, इन एप्लीकेशनों के लिए लोगों के मन में एक नकारात्मक छवि बैठ गई है। सभी को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के कारण होने वाले दुष्प्रभावों से अवगत करवाया गया। लेकिन ऐसे तथ्य नहीं बताए जा सके जो प्रदर्शित करते हैं कि ये प्लेटफ़ॉर्म किस तरह असल में बच्चों और किशोरों के लिए फायदेमंद हैं। इसलिए, ये आवश्यक है कि हम उन पहलूओं को हाईलाइट करें जो सभी के लिए और खासकर कम उम्र के बच्चों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

एक शिक्षण साधन के रूप में: रेडिट, कोरा और विकिपीडिया जैसे सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स हो जिनका उपयोग शिक्षण साधन के रूप में किया जा सकता है और वे खुले प्लेटफॉर्म्स है। लोगों का एक समुदाय जिनकी किसी विशिष्ट क्षेत्र में रूचि है जहाँ वे प्रश्न पूछ भी सकते हैं और जवाब भी दे सकते हैं। ये लोग दुनियाभर से होते हैं, जिसके कारण कई तरह के दृष्टिकोण शामिल होते हैं। इससे आपके बच्चों को केवल उनके प्रश्नों के उत्तर ही नहीं मिलेंगे जबकि वे दुनियाभर के लोगों के दृष्टिकोण का विश्लेषण भी कर पाएँगे।

कक्षा के लिए फेसबुक ग्रुप: यह सोशल मीडिया प्लेटफार्म के सबसे बढ़िया फीचर्स में से एक है। आप अपने फेसबुक कक्षा समूह में अध्ययन सामग्री, दृष्टिकोण और प्रश्नों के हल शेयर कर सकते हैं। यह कार्यक्षम ही नहीं है बल्कि एक ही जगह सारी अध्ययन सामग्री रखने का एक बढ़िया उपाय है। पुरे अध्याय में पाठ के दौरान आपने जो सीखा है उसके परिक्षण के लिए आप इन समूहों में स्वस्थ वाद-विवाद या एक क्विज आयोजित कर सकते हैं।

शैक्षणिक संसाधन पिन करने के लिए पिंटरेस्ट: पिंटरेस्ट अपने उपयोगकर्ताओं को उनकी पसंद की चीजें पिन करने की अनुमति देता है जिसमें उनके असाइनमेंट्स के लिए शैक्षणिक संसाधन शामिल हैं। आप उन्हें विषय के आधार पर आसानी से वर्गीकृत भी कर सकते हैं। इस तरह आपका बच्चा केवल संगठित ही नहीं रहेगा बल्कि उनके पास ऐसे सभी डेटा तक पहुँच होगी जिसे खोजने में उन्हें घंटों का समय लगता है।

इस प्रकार सोशल मीडिया छोटे बच्चों के लिए एक बढ़िया शिक्षण प्लेटफ़ॉर्म है।