पीसी-समर्थित शिक्षण से शिक्षा के क्षेत्र में भारत की तकदीर बदल रही है

हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहाँ शिक्षण में पूरी तरह से कायापलट हो रहा है, जहाँ आने वाले वर्षों में पीसी शिक्षण ही शिक्षा का संचालन करने वाला है।

देश में 1963 में कंप्यूटर साइंस शिक्षण के आरंभ होने के साथ भारत का पीसी शिक्षण, के साथ एक लंबा इतिहास रहा है।1 तब से जनवरी 2020 के अनुसार भारत में लगभग 688 मिलियन सक्रिय डिजिटल प्रयोक्ताओं के साथ हाई-स्पीड इंटरनेट के व्यापक वितरण के कारण देशभर में ऑनलाइन शिक्षण को अपनाया गया है।2

आज भारत अनुमानित रूप से 9.5 मिलियन प्रयोक्ताओं के साथ और 2021 तक 1.96 बिलियन यूएसडी मूल्य के साथ ई-शिक्षण का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट है।3


पीसी-समर्थित शिक्षण क्या है?



पीसी शिक्षण से विद्यार्थियों को ऑडियो-विजुअल माध्यमों के इस्तेमाल से सिद्धांतों को समझकर याद रखने में मदद मिलती है, जो कि रट्टा मारकर सीखने की सदियों पुरानी विधि के बिलकुल विपरीत है। शिक्षण के इस शिक्षाप्रद और जानकारीपूर्ण तरीके से विद्यार्थियों को विषय याद करने के विपरीत उन्हें समझने में मदद मिलती है। 

इसके अलावा, पीसी से विद्यार्थी-

  • दुनियाभर के प्रोफेसरों और विद्यार्थियों से वार्तालाप कर सकते हैं
  • विद्यमान समस्याओं को सुलझाने के लिए अनोखे और अग्रणी तरीके ढूंढ सकते हैं
  • उनके लिए सबसे सही फॉर्मेट में सीख सकते हैं भले ही वह ऑडियो, विजुअल, टेक्स्ट या ग्राफ़िक हो
  • प्रोजेक्ट्स पर कार्य करते हुए सहकार्य और विचार साझा करके साथियों से सीख सकते हैं
  • उचित समय पर अपने घर की सुविधा से सीख सकते हैं
  • अंक प्राप्त करने के लिए सिद्धान्त याद करने के विपरीत तुरंत ही शंकाओं को सुलझा सकते हैं
  • दुनियाभर के राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक समाचार से अवगत रह सकते हैं

 

एक देश के रूप में हमने पीसी-समर्थित शिक्षण में बहुत तरक्की की है, हालाँकि हमें अभी भी बहुत आगे बढ़ना है। भले ही 2019 की दूसरी तिमाही में 3.4 मिलियन पीसी यूनिट्स शिप किए गए, लेकिन देश में पीसी का कुल प्रवेश अभी भी 10% से कम है।4


हमारा समाधान?

डेल आरंभ- शिक्षण हेतु एक अखिल भारतीय पीसी उपक्रम जो माता-पिता, शिक्षकों और बच्चों को बेहतर शिक्षण के लिए पीसी प्रयुक्त करने के बारे में जानकारी प्रदान कर उन्हें सफलता से डिजिटल भारत में रूपांतरित होने में सहायता करता है।

हमारे डेल चैंप्स स्कूल कॉन्टेक्ट कार्यक्रम के जरिए हमने पहले ही लगभग 1.5 मिलियन विद्यार्थियों को शामिल किया है ताकि हम उनके सोचने के तरीके के हिसाब से उनकी रचनात्मकता, गहन सोच, और जटिल समस्या-निवारण को सशक्त करने में मदद कर सकें। 4,793 स्कूलों को लाभ प्रदान करते हुए, 91,351 शिक्षकों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करके और 1,29,362 माताओं को प्रशिक्षित करके हम देश में भविष्य के लिए तैयार शिक्षा क्षेत्र सक्रिय करने के लिए पीसी प्रवेश बढ़ाने की ओर काम कर रहे हैं।