आने वाले बेहतर कल का मार्ग बनाते हुए आज के शिक्षक


विगत वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बदलाव हुए हैं। जानकारी के प्रसार से लेकर प्रिंटिंग प्रेस के अविष्कार और तत्पश्चात विश्वविद्यालयों की स्थापना, और अब हम शिक्षा उद्योग में एक और अहम बदलाव की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

ऑनलाइन शिक्षण शिक्षा का भविष्य है। वर्तमान स्थिति में, जहाँ समय बदल गया है, आने वाले कल के शिक्षक इस अवसर पर उभर कर सामने आए और उन्होंने शिक्षा की नई तरंग को अपना लिया। शिक्षकों ने शिक्षण की पारंपरिक विधियों के प्रति उनके दृष्टिकोण को अपनाकर और बदलकर वर्चुअल शिक्षा का प्रभावी परिवेश तैयार करने के लिए प्रशिक्षण लिया।  

 

ई-लाइब्रेरी, ऑडियो/विजुअल टूल्स, संवादात्मक कक्षा, और कक्षा में उत्पन्न हो सकने वाली तकनीकी समस्याओं के संबंध में स्वयं को अवगत कराकर शिक्षकों ने सुनिश्चित किया कि विकास और शिक्षा में विराम ना लगे।

इन शिक्षकों ने ना केवल स्वयं को शिक्षा हेतु पीसी से अवगत कराया बल्कि वे इससे भी आगे गए हैं। उन्होंने संवादात्मक ऑनलाइन कक्षाओं का निर्माण करते हुए वर्चुअल माध्यम से संपूर्ण मूल्यांकन, असाइनमेंट्स, टेस्ट, प्रगति रिकॉर्ड, और तात्कालिक फीडबैक को अपनाया है।



डेल आरंभ में हम वेबिनार्स के जरिए पीसी सक्रियित शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के मार्गदर्शन में उनकी मदद करना चाहते थे। इसलिए हमने 75-90 मिनट के वेबिनार्स तैयार किए और उन्हें निम्न विषयों से अवगत कराया:

  • ऑनलाइन शिक्षण के लिए मानसिक तैयारी

  • ऑनलाइन शिक्षण के लिए टूल्स

  • ऑनलाइन सेशन योजना बनाना

  • ऑनलाइन सेशन का निष्पादन

  • प्रभावी ऑनलाइन शिक्षण

  • तकीनीकी तैयारी

  • विघ्न और उन्हें कैसे संभाला जाए

  • प्रभावी रूप से ऑनलाइन पढ़ाना

  • शिक्षा के परिणाम तैयार करना और उनकी प्राथमिकता

  • व्यस्त करने के सुझाव

  • आंकलनों का पुनर्विचार

  • ऑनलाइन सेशन के दौरान क्या टाला जाना चाहिए

  • शिक्षण मॉडल्स की प्रभाविकता

 

पढ़ाने और पढ़ने का तरीका तेजी से बदल रहा है, जिससे हम शिक्षा के अगले चरण में जा रहे हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर हम इस अहम बदलाव का संचालन करने वाले लोगों, अर्थात शिक्षकों के प्रयासों के लिए आभार प्रकट करते हुए उनकी सराहना करना चाहते हैं!