डिजिटल पेरेंटिंग के लिए ज़रूरी चेकलिस्ट

 

पेरेंटिंग.

यदि पेरेंटिंग एक नौकरी होती तो ये दिन भर का यानी 24/7 का काम है.

आप चाहें या ना चाहें, आपकी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए बहुत सारी "तकनीकी" का इस्तेमाल करना पड़ेगा.

अब बड़ा सवाल यह है कि आप डिजिटल पेरेंटिंग में निपुण कैसे होंगे?

 

1. यह आपके साथ शुरू होता है

अगर आपको कुछ समझ में नहीं आता है तो रीसर्च (अनुसंधान) कीजिए. अन्य अभिभावक, आपके बच्चे के शिक्षकों, सहकर्मियों, पड़ोसियों और अपने नेटवर्क के सभी लोगों से बात करें और खुद को शिक्षित बनाएं. आपका अगला कदम यह है कि अपने बच्चे को किसी पीसी रीसोर्स को देखने देने से पहले आप खुद वह जाँच लें.   

 

2. आप अपने छोटे से बच्चे के रोल मॉडल हैं

आप उनके पहले सुपर हिरो हैं. आप जो भी करेंगे, वह उदाहरण साबित होता है. यदि आप स्क्रीन को देखते समय अपने बच्चे की उपेक्षा करते हैं या टेकनोलोजी पर बहुत समय बिताते हैं तो आपका बच्चा भी ऐसा करना ठीक समझेगा. जबकि यदि आपका बच्चा देखेगा कि आप सही संतुलन बनाते हैं और सही मुद्रा बनाकर रखते हैं तो आपका बच्चा भी आपके नक्शेकदम पर चलेगा.

 

3. पेरेंटल कंट्रोल मदद के लिए होता है

पीसी पर आपके बच्चे का अलग युझर प्रोफाइल बनाइए और फिर धीरे-धीरे अन्य वेबसाइट्स का इस्तेमाल करना शुरू करें. गूगल और यूट्युब ये दो महत्वपूर्ण वेबसाइटें हैं, जिसमें आप कंट्रोल्स सेट कर लें फिर आप राहत की सांस ले सकते हैं.

 

4. फिर से एकबार नियमों को महान बनाएं

नियंत्रण में रहना कौन पसंद नहीं करेगा? यदि आप अपने बच्चे को अपने नियम बनाने देंगे तो उन्हें वो कभी भी नहीं तोड़ेंगे. साथ बैठकर नियमों को लिखो. अगर आप उन्हें अपना तर्क समझाते हैं तो मुश्किल पासवर्ड्स सेट करना और उन्हें आपके साथ साझा करना, सिर्फ बुकमार्क की हुई वेबसाइट्स का एक्सेस करना और दिन में एक-दो घंटे से ज्यादा समय तक पीसी का इस्तेमाल न करना जैसे मूलभूत नियमों का बच्चे स्वागत करेंगे. 

 

5. सोशियल होना अच्छी बात है

वास्तव में, यह बहुत अच्छा है!

लेकिन ऐसा करने के लिए आपको बहुत ध्यान रखना चाहिए. सुनिश्चित कर लें कि आपके बच्चे का कोई सिक्रेट अकाउन्ट न हो.  

दूसरी तरफ, आपको अपने बच्चों को थोड़ा खुला छोड़ना ज़रूरी है – उनके कंटेन्ट का ज़रूरत से ज्यादा विश्लेषण करने और पोस्ट पर टिप्पणी करने से बचें.    

आपको और आपके बच्चे को एक दूसरे से सीखना चाहिए. अपने अनुभवों को साझा करें और अपने बच्चों को बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करें. अंततः, यह तकनीकी की मदद से बढ़ने और ऐसा करते समय साथ में मज़ा करने के बारे में है.