डेल आरंभ के लिए UN के संधारणीय विकास लक्ष्य का तात्पर्य क्या है

 

सितंबर 2015 में UN जनरल असेंबली ने संधारणीय विकास के लिए 2030 के एजेंडा को अपनाया जिसके केंद्र में 17 संधारणीय विकास लक्ष्य (SDG) हैं। इन SDG में देशों को गरीबी दूर करने, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधारने, असमानता घटाने, आर्थिक विकास प्रेरित करने और जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए कहा गया है।

इन SDG में से लक्ष्य 4 में निर्दिष्ट किया गया है कि देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके नागरिकों को समावेशी और समान गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त हो और साथ ही सभी के लिए जीवनभर शिक्षा के अवसर प्रेरित किए जाएँ।

 

 

आज खुद को शिक्षित करना पहले की तुलना में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ अहम स्थान ले रही हैं, जिसके लिए हमें खुद को सही कुशलताओं, मूल्यों और रवैये से समर्थ करना जरूरी हो गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने से आर्थिक विकास बढ़ाने, आत्मनिर्भरता संभव करने और बेहतर आजीविका पाने में मदद मिल सकती है।

वर्तमान परिदृश्य में एक के बाद एक नए तकनीकी नवपरिवर्तन हो रहे हैं। इस परिवेश में खुद को बुनियादी कुशलताओं से तैयार करना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि ऑनलाइन कोर्स और इंटरैक्टिव शिक्षण के जरिए शिक्षा लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर अग्रसर हो रही है। 1

डिजिटल विभाजन के इस विद्यमान अंतर को मिटाने के लिए डेल टेक्नोलॉजी और UNESCO MGIEP स्कूल के शिक्षकों को अत्यावश्यक PC कुशलताएँ प्रदान करने हेतु एकजुट हुए हैं। इस भागीदारी से वे बच्चों में शिक्षण और कुशलता निर्माण प्रेरित करने के लिए शिक्षकों को अच्छी गुणवत्ता का शिक्षा प्रशिक्षण देंगे।

डेल आरंभ और UNESCO MGIEP का 'फ्रेमर-स्पेस’ प्लेटफ़ॉर्म निर्धारित शिक्षकों को प्रशिक्षण देने में सहयोग करेगा, और इस प्रकार शांतिपूर्ण और संधारणीय समाज तैयार करने के लिए शिक्षा निर्माण के SDG 4.7  की ओर कार्यरत होगा।

शिक्षक के डिजिटल शिक्षण की यात्रा जानकारी और संचार तकनीक (ICT) में डेल आरंभ द्वारा प्रदत्त स्प्रिंगबोर्ड से शुरू होगी। इसी दौरान फ्रेमर-स्पेस शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद के लिए बढ़िया विषयवस्तु तैयार करने की योग्यताएं और विश्लेषी अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा।

AI से समृद्ध डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, फ्रेमर-स्पेस शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए निजीकृत शिक्षण योजनाओं की कल्पना करने, उन्हें लागू करने और उनके निरीक्षण में सहायता करेगा। इससे शिक्षकों को ICT और आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त होगी ताकि वे अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने में विद्यार्थियों की मदद कर पाएं।

यह प्रसार तीन चरणों में फैला होगा: शिक्षकों को फ्रेमर-स्पेस प्रयुक्त करने के लिए प्रशिक्षित करना, 200 घंटों का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को जॉइंट सर्टिफिकेट देना और शिक्षण के परिणामों के प्रभाव का मूल्यांकन करना।

इस भागीदारी के जरिए हम शिक्षा का SDG प्राप्त करने में अर्थपूर्ण उन्नति करने की अपेक्षा करते हैं और हम शिक्षकों का एक ऐसा समूह बनाने की अपेक्षा करते हैं जो अन्य व्यक्तियों को डिजिटल शिक्षा प्रदान करना जारी रख सकें।